लश्करे नोएड़ा को गुस्सा जब आता है
रूपये के सामने डॉलर थर्राता है
डॉलर थर्राता है यह सबको बताना होगा
फायदा सस्ते रूपये का सबको समझाना होगा
सबको समझाना है, कैसे आयात घटेगा
सस्ता हो रूपया तो निर्यात बढ़ेगा
निर्यात बढ़ेगा तो बढ़े अपना ही ब्यौपार
देखना फिर कैसे हो रोजगार की भरमार
रोजगार की भरमार से ही अच्छे दिन आयेंगे
नजदीक के चौराहे पे सब आपके गुण गायेंगे
आपके गुण गायेंगे करेंगे आपकी जयकार
समवेत स्वरों में सब बोलेंगे “अबकी बार सौ के पार”
रूपये के सामने डॉलर थर्राता है
डॉलर थर्राता है यह सबको बताना होगा
फायदा सस्ते रूपये का सबको समझाना होगा
सबको समझाना है, कैसे आयात घटेगा
सस्ता हो रूपया तो निर्यात बढ़ेगा
निर्यात बढ़ेगा तो बढ़े अपना ही ब्यौपार
देखना फिर कैसे हो रोजगार की भरमार
रोजगार की भरमार से ही अच्छे दिन आयेंगे
नजदीक के चौराहे पे सब आपके गुण गायेंगे
आपके गुण गायेंगे करेंगे आपकी जयकार
समवेत स्वरों में सब बोलेंगे “अबकी बार सौ के पार”
छवि सौजन्य: पिक्साबे
